Friday, 5 December 2025

एलर्जिक राइनाइटिस (Allergic Rhinitis) का सम्पूर्ण इलाज – होम्योपैथी से



एलर्जिक राइनाइटिस: कारण, लक्षण और होम्योपैथिक उपचार

— डॉ. अंकुश पवार, होम्योपैथिक कंसल्टेंट, केसुला क्लिनिक, परभणी


आजकल बदलते मौसम, प्रदूषण, परागकण (pollen) और धूल के कारण एलर्जिक राइनाइटिस एक बहुत ही सामान्य लेकिन परेशान करने वाली समस्या बन गई है। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो व्यक्ति की दिनचर्या, नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालती है।

होम्योपैथी में इसका इलाज केवल लक्षणों को दबाने के लिए नहीं, बल्कि इम्यून सिस्टम को अंदर से मजबूत करने के उद्देश्य से किया जाता है, जिससे रोग दोबारा बार-बार न हो।


एलर्जिक राइनाइटिस क्या है?

एलर्जिक राइनाइटिस एक ऐसी एलर्जी है जिसमें आपकी नाक, आंखें और गला किसी बाहरी एलर्जन (जैसे धूल, परागकण, पालतू जानवर की डेंडर, फंगस आदि) पर तेजी से प्रतिक्रिया करते हैं।

इसे आम भाषा में “एलर्जी की जुकाम” भी कहा जाता है।


मुख्य लक्षण

एलर्जिक राइनाइटिस में अक्सर नीचे दिए गए लक्षण दिखाई देते हैं:

  • बार-बार छींक आना
  • नाक में पानी बहना
  • नाक बंद हो जाना
  • आंखों में जलन, लाल होना या पानी आना
  • गले में खराश या खिचखिच
  • सिर दर्द या चेहरे में heaviness
  • थकान और कमजोरी महसूस होना

ये लक्षण मौसम बदलने पर, धूल में जाने पर या किसी एलर्जन के संपर्क में आने पर बढ़ जाते हैं।


एलर्जिक राइनाइटिस क्यों होता है?

मुख्य कारण है ओवर-रिएक्टिव इम्यून सिस्टम, जो सामान्य चीज़ों को भी खतरा मानकर तुरंत प्रतिक्रिया देता है।

कारणों में शामिल हैं:

  • धूल (Dust mites)
  • परागकण (Pollen)
  • ठंडी हवा
  • कोल्ड ड्रिंक / आइसक्रीम
  • प्रदूषण
  • पालतू जानवर की डेंडर
  • फंगस / मोल्ड
  • तेज़ खुशबू या परफ्यूम

परिवार में एलर्जी का इतिहास हो तो यह समस्या और भी अधिक देखने को मिलती है।


होम्योपैथिक उपचार कैसे मदद करता है?

होम्योपैथी एलर्जिक राइनाइटिस को जड़ से ठीक करने का लक्ष्य रखती है।
इसमें:

✔ इम्यून सिस्टम को संतुलित किया जाता है

होम्योपैथिक दवाएँ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को ठीक तरह से काम करने में मदद करती हैं, जिससे एलर्जी ट्रिगर कम हो जाते हैं।

✔ लक्षणों की तीव्रता और आवृत्ति घटती है

बार-बार होने वाली छींक, नाक बहना और आंखों की जलन में आराम मिलता है।

✔ बिना साइड इफेक्ट का इलाज

लंबे समय तक भी दवाएँ सुरक्षित रहती हैं और नींद, भूख या आदतों पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता।

✔ रोग को दोबारा होने से रोकने में प्रभावी

नियमित उपचार से एलर्जी के अटैक बहुत कम हो जाते हैं।


होम्योपैथी में उपयोगी कुछ प्रमुख दवाएँ

(नोट: दवाएँ व्यक्ति की प्रकृति और लक्षणों के आधार पर ही दी जानी चाहिए।)

  • Arsenicum Album – छींक, नाक से पानी और बेचैनी में
  • Allium Cepa – नाक से पानी बहना और आँखों में जलन
  • Sabadilla – लगातार छींकों के साथ
  • Natrum Mur – मौसम बदलते ही एलर्जी होने पर
  • Dulcamara – ठंडी हवा से समस्या बढ़ने पर

सही दवा का चयन विशेषज्ञ होम्योपैथ द्वारा ही किया जाना चाहिए।


घर पर अपनाने योग्य सरल उपाय

  • धूल, धुएँ और तेज़ खुशबू से दूरी रखें
  • सफ़ाई पर ध्यान दें
  • ठंडी हवा, फ्रिज की चीज़ें और आइसक्रीम से बचें
  • भाप (Steam inhalation) लें
  • पानी पर्याप्त मात्रा में पिएँ
  • रोज़ाना 20–30 मिनट हल्का व्यायाम करें

केसुला क्लिनिक, परभणी में एलर्जिक राइनाइटिस का सफल उपचार

डॉ. अंकुश पवार (BHMS), होम्योपैथिक कंसल्टेंट
पिछले कई वर्षों से एलर्जी, साइनस, माइग्रेन, त्वचा रोग और क्रॉनिक बीमारियों के मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज होम्योपैथी से कर रहे हैं।

हमारे क्लिनिक का फोकस:

  • बिना साइड इफेक्ट का इलाज
  • व्यक्तिगत (Customized) उपचार
  • Long-term relief
  • क्रॉनिक एलर्जी के मरीजों में उत्कृष्ट परिणाम

यदि आप भी एलर्जिक राइनाइटिस से परेशान हैं और बार-बार दवाइयाँ लेकर थक चुके हैं, तो होम्योपैथी आपके लिए एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है।


संपर्क करें:

📍 केसुला होम्योपैथी क्लिनिक, परभनी
📞 9730553554



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